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mahabharat 6.117.62-63h: महाराज! तत्पश्चात् भीष्म ने अपना दिव्यास्त्र प्रकट करके समस्त धनुर्धरों के देखते-देखते कुन्तीकुमार अर्जुन पर आक्रमण किया। 62 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  6.117.62-63h 
ततो भीष्मो महाराज दिव्यमस्त्रमुदीरयन्॥ ६२॥
अभ्यधावत कौन्तेयं मिषतां सर्वधन्विनाम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् भीष्म ने अपना दिव्यास्त्र प्रकट करके समस्त धनुर्धरों के देखते-देखते कुन्तीकुमार अर्जुन पर आक्रमण किया। 62 1/2॥
 
Maharaj! Thereafter, Bhishma, revealing his divine weapon, attacked Kuntikumar Arjuna in full view of all the archers there. 62 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)