Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.117.61-62h: बड़े-बड़े हाथी ध्वजाओं के साथ बाणों की पीड़ा से व्याकुल होकर सब दिशाओं में विचरण कर रहे थे। हे प्रभु! गदा, भाले और धनुष धारण किए हुए बहुत से क्षत्रिय सर्वत्र भूमि पर पड़े हुए दिखाई दे रहे थे। | mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बड़े-बड़े हाथी ध्वजाओं के साथ बाणों की पीड़ा से व्याकुल होकर सब दिशाओं में विचरण कर रहे थे। हे प्रभु! गदा, भाले और धनुष धारण किए हुए बहुत से क्षत्रिय सर्वत्र भूमि पर पड़े हुए दिखाई दे रहे थे।
Big elephants with flags were moving around in all directions, agitated by the pain of arrows. O Lord! Many Kshatriyas holding maces, spears and bows were seen lying on the ground everywhere. 61 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥