श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.117.51 
गजाश्च रथसङ्घाश्च बहुधा रथिभिर्हता:।
रथाश्च निहता नागैर्हयाश्चैव पदातिभि:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
रथियों ने अनेक हाथी और रथ-समूह नष्ट कर दिए। हाथियों ने अनेक रथों को तोड़ डाला और पैदल सैनिकों ने अनेक घोड़ों को उनके सवारों सहित मार डाला।
 
Many elephants and chariot groups were destroyed by the charioteers. The elephants smashed many chariots and the foot soldiers killed many horses along with their riders.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)