Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.117.5-6: वीर! इस विषय पर बार-बार विचार करने या संशय निवारण के लिए कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। तुम महारथी भीष्म का शीघ्र ही वध कर दो। युधिष्ठिर की सेना में तुम्हारे अतिरिक्त मुझे दूसरा कोई ऐसा नहीं दिखाई देता जो युद्धस्थल में भीष्म का सामना कर सके। हे नरसिंह! मैं तुमसे यह सत्य कह रहा हूँ।॥5-6॥   |   mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 5-6
 
 
श्लोक  6.117.5-6 
किं ते विवक्षया वीर जहि भीष्मं महारथम्।
न ह्यन्यमनुपश्यामि कञ्चिद् यौधिष्ठिरे बले॥ ५॥
य: शक्त: समरे भीष्मं प्रतियोद्‍धुमिहाहवे।
ऋते त्वां पुरुषव्याघ्र सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वीर! इस विषय पर बार-बार विचार करने या संशय निवारण के लिए कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। तुम महारथी भीष्म का शीघ्र ही वध कर दो। युधिष्ठिर की सेना में तुम्हारे अतिरिक्त मुझे दूसरा कोई ऐसा नहीं दिखाई देता जो युद्धस्थल में भीष्म का सामना कर सके। हे नरसिंह! मैं तुमसे यह सत्य कह रहा हूँ।॥5-6॥
 
Valiant! There is no need to think about this matter again and again or to say anything to clear the doubts. You kill the great warrior Bhishma quickly. I do not see anyone else in Yudhishthira's army except you who can face Bhishma in the battlefield. O lion of men! I am telling you this truth.'॥ 5-6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)