श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 49-50
 
 
श्लोक  6.117.49-50 
पराङ्मुखीकृत्य तथा शरवर्षैर्महारथान्॥ ४९॥
प्रावर्तयत संग्रामे शोणितोदां महानदीम्।
मध्येन कुरुसैन्यानां पाण्डवानां च भारत॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
और हे भरत! अर्जुन ने बाणों की वर्षा से उन समस्त महारथियों को पराजित करके युद्धस्थल में कौरवों और पाण्डवों की सेनाओं के बीच रक्त की एक बड़ी नदी बहा दी। ॥49-50॥
 
And Bharata! Having turned away all those mighty warriors with a shower of arrows, Arjuna caused a huge river of blood to flow between the armies of the Kauravas and the Pandavas on the battlefield. ॥ 49-50 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)