श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  6.117.41-42h 
अथ पार्थो महाराज द्रावयित्वा वरूथिनीम्॥ ४१॥
दु:शासनाय सुबहून् प्रेषयामास सायकान्।
 
 
अनुवाद
महाराज, उस समय अर्जुन ने आपकी सेना को भगा दिया और दु:शासन पर अनेक बाणों से आक्रमण किया।
 
Maharaj, at that time Arjuna chased away your army and attacked Dushasan with many arrows. 41 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)