श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.117.4 
अर्जुनस्तु महाराज शिखण्डिनमभाषत।
अभिद्रवस्व त्वरितं जहि चैनं पितामहम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! उस समय अर्जुन ने शिखण्डी से कहा - 'वीर! तुम शीघ्रता से आगे बढ़कर इन पितामह भीष्म का वध कर दो॥4॥
 
Maharaj! At that time Arjun said to Shikhandi – 'Veer! You move forward quickly and kill this great grandfather Bhishma. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)