Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.117.38-39h: महाराज! वे सभी राजा बाणों से पीड़ित हो गए। उनकी विशाल ध्वजाएँ टूटकर बिखर गईं। वे सभी राजा मिलकर भी वानरों के ध्वजवाहक अर्जुन के सामने टिक नहीं सके। 38 1/2   |   mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  6.117.38-39h 
ते शरार्ता महाराज विप्रकीर्णमहाध्वजा:॥ ३८॥
नाभ्यवर्तन्त राजान: सहिता वानरध्वजम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! वे सभी राजा बाणों से पीड़ित हो गए। उनकी विशाल ध्वजाएँ टूटकर बिखर गईं। वे सभी राजा मिलकर भी वानरों के ध्वजवाहक अर्जुन के सामने टिक नहीं सके। 38 1/2
 
Maharaj! All those kings were afflicted by the arrows. Their huge flags were shattered and scattered. Even all those kings put together could not stand before Arjuna, the flag-bearer of the monkeys. 38 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)