Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.117.32-35h: विदेह, कलिंग, दसेरक, निषध, सौवीर, बाह्लीक, दरद, प्रतीच्य, उदीच्य, मालव, अभिष, शूरसेन, शिबि, वसाति, शाल्व, शक, त्रिगर्त, अम्बष्ठ और केकयदेश के राजा उस महान युद्ध में कुन्तीकुमार अर्जुन पर उसी प्रकार आक्रमण करने लगे, जैसे पतंगें जलती हुई आग पर झपटती हैं। 32—34 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदेह, कलिंग, दसेरक, निषध, सौवीर, बाह्लीक, दरद, प्रतीच्य, उदीच्य, मालव, अभिष, शूरसेन, शिबि, वसाति, शाल्व, शक, त्रिगर्त, अम्बष्ठ और केकयदेश के राजा उस महान युद्ध में कुन्तीकुमार अर्जुन पर उसी प्रकार आक्रमण करने लगे, जैसे पतंगें जलती हुई आग पर झपटती हैं। 32—34 1/2॥
Those kings of Videha, Kalinga, Daseraka, Nishad, Sauveer, Bahlika, Dard, Pratichya, Udichya, Malava, Abhishah, Shurasena, Shibi, Vasati, Shalva, Shaka, Trigarta, Ambastha and Kekayades started attacking Kuntikumar Arjun in that great battle, just like kites pounce on a burning fire. 32—34 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥