श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.117.3 
स्त्रीत्वं तस्य स्मरन् राजन् सर्वलोकस्य पश्यत:।
नाजघान रणे भीष्म: स च तन्नावबुद्धवान्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
राजन! परंतु भीष्मजी ने उसके स्त्रीत्व का विचार करके युद्धस्थल में उस पर प्रहार नहीं किया। यह सबने देखा; परंतु शिखंडी यह बात न समझ सका॥3॥
 
Rajan! But considering her womanhood, Bhishmaji did not attack her in the battlefield. Everyone saw this; But Shikhandi could not understand this. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)