श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.117.25 
तं क्षत्रिया महाराज ददृशुर्घोरमाहवे।
भीष्मं दहन्तं सैन्यानि पाण्डवानां महात्मनाम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! उस युद्धस्थल में समस्त क्षत्रियों ने देखा कि महाबली भीष्म महान पाण्डवों की सेनाओं को जला रहे हैं।
 
Maharaj! On that battlefield all the Kshatriyas saw that the fearsome Bhishma was burning the armies of the great Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)