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mahabharat 6.117.10: हे राजन! तब विशाल सेना से घिरे हुए पाण्डवों ने भीष्म को अपने बाणों से इस प्रकार ढक लिया, जैसे बादल सूर्यदेव को ढक लेते हैं॥ 10॥   |   mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.117.10 
तथैव पाण्डवा राजन् सैन्येन महता वृता:।
भीष्मं संछादयामासुर्मेघा इव दिवाकरम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तब विशाल सेना से घिरे हुए पाण्डवों ने भीष्म को अपने बाणों से इस प्रकार ढक लिया, जैसे बादल सूर्यदेव को ढक लेते हैं॥ 10॥
 
O King! Then the Pandavas, surrounded by a huge army, covered Bhishma with their arrows in the same manner as clouds cover the Sun God.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)