श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.117.1 
संजय उवाच
शिखण्डी तु रणे भीष्ममासाद्य पुरुषर्षभम्।
दशभिर्निशितैर्भल्लैराजघान स्तनान्तरे॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज! शिखण्डी ने युद्धभूमि में महारथी भीष्म के सामने पहुँचकर उनकी छाती में भल्ल नामक दस तीखे बाण मारे।
 
Sanjaya says - Maharaj! Shikhandi reached the battlefield in front of the great man Bhishma and shot ten sharp arrows called Bhall in his chest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)