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mahabharat 6.116.9: उधर, शत्रुओं को कष्ट देने वाले ब्राह्मणों के प्रधान द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर युद्ध में अत्यंत शक्तिशाली सात्यकि को लक्ष्य करके धनुष-बाण से उसकी छाती पर प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 6.116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.116.9 
सात्यकिं रभसं युद्धे द्रौणिर्ब्राह्मणपुङ्गव:।
आजघानोरसि क्रुद्धो नाराचेन परंतप:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उधर, शत्रुओं को कष्ट देने वाले ब्राह्मणों के प्रधान द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर युद्ध में अत्यंत शक्तिशाली सात्यकि को लक्ष्य करके धनुष-बाण से उसकी छाती पर प्रहार किया।
 
On the other side, Ashvatthama, the son of Drona, the chief of the Brahmins who was a tormentor of his enemies, became enraged and aimed at Satyaki, who was extremely powerful in the battle, and struck him on the chest with a bow and arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)