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mahabharat 6.116.65: उसी समय शिखण्डी ने शान्तचित्त होकर भरतवंशी पितामह भीष्म के समक्ष पहुँचकर उन्हें शीघ्रतापूर्वक अनेक बाणों से ढक दिया ॥ 65॥   |   mahabharat अध्याय 6.116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  6.116.65 
शिखण्डी तु समासाद्य भरतानां पितामहम्।
इषुभिस्तूर्णमव्यग्रो बहुभि: स समाचिनोत्॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
उसी समय शिखण्डी ने शान्तचित्त होकर भरतवंशी पितामह भीष्म के समक्ष पहुँचकर उन्हें शीघ्रतापूर्वक अनेक बाणों से ढक दिया ॥ 65॥
 
At that very moment Shikhandi, reaching before Bhishma, the grandfather of the Bharata clan, with a calm mind, quickly covered him with numerous arrows. ॥ 65॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)