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श्लोक  6.116.60 
शिखण्डिनं च कौन्तेयो याहि याहीत्यचोदयत्।
भीष्मं प्रति महाराज जह्येनमिति चाब्रवीत्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कुन्तीपुत्र अर्जुन ने शिखण्डी को बार-बार प्रोत्साहित किया और कहा कि वह भीष्म की ओर बढ़े और उनका वध कर दे।
 
Maharaj! Kunti's son Arjun repeatedly encouraged Shikhandi and told him to move towards Bhishma and kill him. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)