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mahabharat 6.116.49: महाराज ! तब शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले धृष्टद्युम्न ने कुपित होकर द्रोणाचार्य पर अपनी गदा चलाई, जो युद्धस्थल में यमदण्ड के समान भयंकर थी ॥49॥   |   mahabharat अध्याय 6.116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.116.49 
तत: क्रुद्धो महाराज पार्षत: परवीरहा।
द्रोणाय चिक्षेप गदां यमदण्डोपमां रणे॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
महाराज ! तब शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले धृष्टद्युम्न ने कुपित होकर द्रोणाचार्य पर अपनी गदा चलाई, जो युद्धस्थल में यमदण्ड के समान भयंकर थी ॥49॥
 
Maharaj! Then Dhrishtadyumna, the destroyer of enemy warriors, became enraged and used his mace at Dronacharya, which was as fierce as Yamdanda in the battlefield. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)