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mahabharat 6.116.47: तब शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धृष्टद्युम्न ने दूसरा धनुष लेकर युद्धभूमि में द्रोणाचार्य के सामने ही उन पर अनेक बाण चलाये।   |   mahabharat अध्याय 6.116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.116.47 
सोऽन्यत् कार्मुकमादाय पार्षत: परवीरहा।
द्रोणस्य मिषतो युद्धे प्रेषयामास सायकान्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
तब शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धृष्टद्युम्न ने दूसरा धनुष लेकर युद्धभूमि में द्रोणाचार्य के सामने ही उन पर अनेक बाण चलाये।
 
Then Dhrishtadyumna, that slayer of enemy warriors, took up another bow and shot many arrows at them in front of Dronacharya on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)