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mahabharat 6.116.34-35h: तब राजकुमार बृहद्बल ने क्रोधित होकर दूसरा धनुष उठाया और युद्धभूमि में अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को अनेक बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  6.116.34-35h 
सोऽन्यत् कार्मुकमादाय राजपुत्रो बृहद्‍बल:॥ ३४॥
फाल्गुनिं समरे क्रुद्धो विव्याध बहुभि: शरै:।
 
 
अनुवाद
तब राजकुमार बृहद्बल ने क्रोधित होकर दूसरा धनुष उठाया और युद्धभूमि में अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को अनेक बाणों से घायल कर दिया।
 
Then Prince Brihadbal, enraged, took up another bow and pierced Arjuna's son Abhimanyu with many arrows on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)