श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 115: भीष्मके आदेशसे युधिष्ठिरका उनपर आक्रमण तथा कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका भीषण युद्ध  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.115.43 
तेषां समागमो घोरो बभूव युधि संगत:।
अन्योन्यस्य वधार्थाय जिगीषूणां महाहवे॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में एक दूसरे को मारने के लिए एकत्र हुए विजयी सैनिकों के बीच भयंकर युद्ध हुआ।
 
In that great war, there was a fierce battle between the victorious soldiers who had gathered to kill each other.
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि भीष्मोपदेशे पञ्चदशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें भीष्मका उपदेशविषयक एक सौ पंद्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११५॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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