श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 115: भीष्मके आदेशसे युधिष्ठिरका उनपर आक्रमण तथा कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका भीषण युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.115.4 
गमिता: परलोकाय परमास्त्रै: किरीटिना।
अहन्यहनि संक्रुद्धास्तावकानां महारथा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
किरीटधारी अर्जुन ने प्रतिदिन क्रोध में भरे हुए आपके वीर योद्धाओं को अपने उत्तम अस्त्रों द्वारा परलोक भेज दिया है॥4॥
 
Every day the crown-wearing Arjuna has sent your valiant warriors, filled with anger, to the other world with his excellent weapons. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)