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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 115: भीष्मके आदेशसे युधिष्ठिरका उनपर आक्रमण तथा कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका भीषण युद्ध
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श्लोक 28
श्लोक
6.115.28
विराटस्तु सहानीक: सहसेनं जयद्रथम्।
वृद्धक्षत्रस्य दायादमाससाद परंतप॥ २८॥
अनुवाद
परंतपा! विराट ने अपनी सेना सहित वृद्धक्षत्र के पुत्र जयद्रथ पर आक्रमण कर दिया। 28.
Parantapa! Virata along with his army attacked Jayadratha, the son of Vriddhakshtra. 28.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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