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श्लोक 6.115.27  |
द्रोणपुत्रं शिनेर्नप्ता धृष्टकेतुस्तु पौरवम्।
अभिमन्यु: सहामात्यं दुर्योधनमयोधयत्॥ २७॥ |
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| अनुवाद |
| सात्यकि अश्वत्थामा से, धृष्टकेतु पौरव से तथा अभिमन्यु अपने मन्त्रियों सहित दुर्योधन से युद्ध करने लगे ॥27॥ |
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| Satyaki started fighting with Ashwatthama, Dhrishketu with Paurav and Abhimanyu along with his ministers started fighting with Duryodhana. 27॥ |
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