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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 115: भीष्मके आदेशसे युधिष्ठिरका उनपर आक्रमण तथा कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका भीषण युद्ध
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श्लोक 15
श्लोक
6.115.15
तस्मात् पार्थं पुरोधाय पञ्चालान् सृंजयांस्तथा।
मद्वधे क्रियतां यत्नो मम चेदिच्छसि प्रियम्॥ १५॥
अनुवाद
अतः यदि तुम मुझे प्रसन्न करना चाहते हो तो अर्जुन, पांचाल और सृंजय को मेरे पास भेजकर मुझे मारने का प्रयत्न करो। ॥15॥
"Therefore if you wish to please me then send Arjuna, the Panchalas and the Srinjayas ahead and try to kill me." ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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