श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 115: भीष्मके आदेशसे युधिष्ठिरका उनपर आक्रमण तथा कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका भीषण युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.115.13 
युधिष्ठिर महाप्राज्ञ सर्वशास्त्रविशारद।
शृणुष्व वचनं तात धर्म्यं स्वर्ग्यं च जल्पत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे समस्त शास्त्रों के ज्ञाता और अत्यन्त ज्ञानी हे युधिष्ठिर! मैं तुम्हें धर्मसम्मत और स्वर्ग प्राप्ति कराने वाली बात कहता हूँ। मेरी बात सुनो॥13॥
 
My dear Yudhishthira, who is an expert in all the scriptures and has immense knowledge, I am telling you something that is in accordance with Dharma and will help you attain heaven. Listen to my words.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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