Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.114.45: राजन! उस समय धृष्टद्युम्न ने अपनी सम्पूर्ण सेना को प्रेरित करते हुए कहा- 'श्रेष्ठ महारथियों! गंगापुत्र भीष्म पर आक्रमण करो। उनसे तनिक भी मत डरो।'   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  6.114.45 
धृष्टद्युम्नस्तु राजेन्द्र सर्वसैन्यान्यचोदयत्।
अभ्यद्रवत गाङ्गेयं मा भैष्ट रथसत्तमा:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय धृष्टद्युम्न ने अपनी सम्पूर्ण सेना को प्रेरित करते हुए कहा- 'श्रेष्ठ महारथियों! गंगापुत्र भीष्म पर आक्रमण करो। उनसे तनिक भी मत डरो।'
 
King! At that time Dhrishtadyumna inspired his entire army and said- 'Best charioteers! Attack Ganga's son Bhishma. Do not fear him at all.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)