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mahabharat 6.114.44: हे प्रजानाथ! उस युद्ध-क्रीड़ा में आपके पुत्रों की ओर से भीष्म को विजय के लिए दांव पर लगाया गया था। इस प्रकार वहाँ जय-पराजय के लिए युद्ध-क्रीड़ा खेली गई थी ॥ 44॥   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.44 
तावकानां जये भीष्मो ग्लह आसीद् विशाम्पते।
तत्र हि द्यूतमासक्तं विजयायेतराय वा॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! उस युद्ध-क्रीड़ा में आपके पुत्रों की ओर से भीष्म को विजय के लिए दांव पर लगाया गया था। इस प्रकार वहाँ जय-पराजय के लिए युद्ध-क्रीड़ा खेली गई थी ॥ 44॥
 
O Prajanath! In that game of war, Bhishma was put at stake for victory on behalf of your sons. In this way, the game of battle was played there for victory or defeat. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)