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mahabharat 6.114.4-5: तत्पश्चात् महारथी अर्जुन ने अपने बाणों से आपकी सेना को अत्यन्त पीड़ा पहुँचाई। हे भारत! चित्रसेन के रथ पर बैठे हुए जयद्रथ ने युद्धस्थल में कुन्तीपुत्र अर्जुन को घायल कर दिया तथा भीमसेन को भी अनेक बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ  »  श्लोक 4-5
 
 
श्लोक  6.114.4-5 
शरैरतिरथो युद्धे पीडयन् वाहिनीं तव॥ ४॥
जयद्रथो रणे पार्थं विद्‍ध्वा भारत सायकै:।
भीमं विव्याध तरसा चित्रसेनरथे स्थित:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महारथी अर्जुन ने अपने बाणों से आपकी सेना को अत्यन्त पीड़ा पहुँचाई। हे भारत! चित्रसेन के रथ पर बैठे हुए जयद्रथ ने युद्धस्थल में कुन्तीपुत्र अर्जुन को घायल कर दिया तथा भीमसेन को भी अनेक बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter, the great warrior Arjuna inflicted great pain on your army with his arrows. O Bhaarat! Sitting on Chitrasena's chariot, Jayadratha wounded Arjuna, the son of Kunti, in the battlefield and also pierced Bhimasena with many arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)