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mahabharat 6.114.33: भीमसेन ने जयत्सेन को दस बाणों से घायल कर दिया और फिर पाँच बाणों से उसे घायल कर दिया। उन्होंने उसके सारथि पर भी भाला मारा, जिससे वह रथ के आसन से गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.33 
तं भीमो दशभिर्विद्‍ध्वा पुनर्विव्याध पञ्चभि:।
सारथिं चास्य भल्लेन रथनीडादपातयत्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन ने जयत्सेन को दस बाणों से घायल कर दिया और फिर पाँच बाणों से उसे घायल कर दिया। उन्होंने उसके सारथि पर भी भाला मारा, जिससे वह रथ के आसन से गिर पड़ा।
 
Bhimasena then pierced Jayatsena with ten arrows, and then wounded him with five more arrows. He also hit his charioteer with a spear, causing him to fall from the chariot seat.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)