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mahabharat 6.114.27: यह देखकर अर्जुन ने पाँच बाणों से उसके धनुष और दस्तानों को काट डाला और अपने तीखे भालों से उसके नासिकास्थानों पर गहरा घाव कर दिया॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.27 
तस्य पार्थो धनुश्छित्त्वा हस्तावापं च पञ्चभि:।
अथैनं सायकैस्तीक्ष्णैर्भृशं विव्याध मर्मणि॥ २७॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर अर्जुन ने पाँच बाणों से उसके धनुष और दस्तानों को काट डाला और अपने तीखे भालों से उसके नासिकास्थानों पर गहरा घाव कर दिया॥ 27॥
 
Seeing this, Arjuna cut off his bow and gloves with five arrows and inflicted a deep wound on his vital spots with his sharp spears.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)