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mahabharat 6.114.25: तब अर्जुन ने सब ओर बाणों का जाल बिछाकर पृथ्वी के रक्षक उन महारथियों को रोक दिया और उन्हें तुरन्त ही मृत्युलोक में भेज दिया॥25॥   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.25 
ततस्ताञ्शरजालेन संनिवार्य महारथान्।
पार्थ: समन्तात् समरे प्रेषयामास मृत्यवे॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने सब ओर बाणों का जाल बिछाकर पृथ्वी के रक्षक उन महारथियों को रोक दिया और उन्हें तुरन्त ही मृत्युलोक में भेज दिया॥25॥
 
Then Arjuna, by spreading a net of arrows on all sides, stopped those mighty warriors, the protectors of the earth, and instantly sent them to the world of death.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)