Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.114.2-4h: तत्पश्चात् सुशर्मा और कृपाचार्य को भी तीन-तीन बाणों से बींध डाला। राजेन्द्र! तत्पश्चात् युद्ध में प्राग्ज्योतिषी राजा भगदत्त, सिन्धुराज जयद्रथ, चित्रसेन, विकर्ण, कृतवर्मा, दुर्मर्षण तथा महारथियों विन्द और अनुविन्द ने गीध पंख युक्त तीन-तीन बाणों द्वारा उन सबको विशेष पीड़ा पहुँचाई। 2-3 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुशर्माणं कृपं चैव त्रिभिस्त्रिभिरविध्यत।
प्राग्ज्योतिषं च समरे सैन्धवं च जयद्रथम्॥ २॥
चित्रसेनं विकर्णं च कृतवर्माणमेव च।
दुर्मर्षणं च राजेन्द्र ह्यावन्त्यौ च महारथौ॥ ३॥
एकैकं त्रिभिरानर्च्छत् कङ्कबर्हिणवाजितै:।
अनुवाद
तत्पश्चात् सुशर्मा और कृपाचार्य को भी तीन-तीन बाणों से बींध डाला। राजेन्द्र! तत्पश्चात् युद्ध में प्राग्ज्योतिषी राजा भगदत्त, सिन्धुराज जयद्रथ, चित्रसेन, विकर्ण, कृतवर्मा, दुर्मर्षण तथा महारथियों विन्द और अनुविन्द ने गीध पंख युक्त तीन-तीन बाणों द्वारा उन सबको विशेष पीड़ा पहुँचाई। 2-3 1/2॥
After that Susharma and Kripacharya were also pierced with three arrows each. Rajendra! Then in the battle, Pragjyotish King Bhagadatta, Sindhuraj Jayadratha, Chitrasena, Vikarna, Kritavarma, Durmarshan and the great charioteers Vind and Anuvind gave special pain to each of them with three arrows each equipped with vulture feathers. 2-3 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥