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श्लोक  6.114.15 
रथिन: सादिनश्चापि तत्र तत्र निषूदिता:।
दृश्यन्ते बहवो राजन् वेपमाना: समन्तत:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! बहुत से रथी और घुड़सवार इधर-उधर मारे जाने के कारण काँपते और पीड़ा से छटपटाते दिखाई दे रहे थे।
 
King! Many charioteers and horsemen were seen trembling and writhing in pain after being killed here and there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)