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mahabharat 6.113.6-7h: तब सिन्धु नरेश जयद्रथ ने तीन, अवन्ती के विन्द और अनुविन्द को पाँच-पाँच तथा दुर्मर्षण ने बीस तीखे बाणों से पाण्डु नन्दन भीमसेन को घायल कर दिया। 6 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  6.113.6-7h 
सैन्धवश्च त्रिभिर्बाणैर्भीमसेनमताडयत्।
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ पञ्चभि: पञ्चभि: शरै:॥ ६॥
दुर्मर्षणस्तु विंशत्या पाण्डवं निशितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
तब सिन्धु नरेश जयद्रथ ने तीन, अवन्ती के विन्द और अनुविन्द को पाँच-पाँच तथा दुर्मर्षण ने बीस तीखे बाणों से पाण्डु नन्दन भीमसेन को घायल कर दिया। 6 1/2॥
 
Then Sindhu king Jayadratha hurt Pandu Nandan Bhimsen with three sharp arrows, Avanti's Vind and Anuvind five each and Durmarshan hurt Pandu Nandan with twenty sharp arrows. 6 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)