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mahabharat 6.113.43-44: तत्पश्चात् युद्ध के तेज से सम्पन्न भीमसेन ने अन्य योद्धाओं के छोड़े हुए भयंकर बाणों से उनके तीन टुकड़े कर डाले। इस प्रकार शत्रुओं के अस्त्रों को नष्ट करके भीमसेन ने उन महाधनुर्धर योद्धाओं को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 43-44
 
 
श्लोक  6.113.43-44 
तथेतराञ्छरान् घोरान् शरै: संनतपर्वभि:॥ ४३॥
भीमसेनो रणश्लाघी त्रिधैकैकं समाच्छिनत्।
तांश्च सर्वान् महेष्वासांस्त्रिभिस्त्रिभिरताडयत्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युद्ध के तेज से सम्पन्न भीमसेन ने अन्य योद्धाओं के छोड़े हुए भयंकर बाणों से उनके तीन टुकड़े कर डाले। इस प्रकार शत्रुओं के अस्त्रों को नष्ट करके भीमसेन ने उन महाधनुर्धर योद्धाओं को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter, with many arrows having bent ends, Bhimasena, who had the glory of war, cut all the fierce arrows shot by other warriors into three pieces. Thus, after warding off the weapons of the enemies, Bhimasena wounded all those great archers with three arrows each.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)