तोमरं च द्विधा चक्रे क्षुरप्रेणानिलात्मज:।
पट्टिशं च त्रिभिर्बाणैश्चिच्छेद तिलकाण्डवत्॥ ४१॥
अनुवाद
परन्तु वायुपुत्र भीमसेन ने एक ही छुरे से जयद्रथ की फेंकी हुई तलवार के दो टुकड़े कर दिये; फिर तीन बाणों से उसने उस तलवार के टुकड़े कर दिये, जैसे तिल के डंठल के टुकड़े हो जाते हैं।
But Bhimasena, the son of Vayu, with a single razor, broke the sword thrown by Jayadratha into two pieces; then with three arrows he broke the sash into pieces like the stalk of a sesame seed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥