Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.113.28: तब उन सभी महाधनुर्धरों ने मिलकर प्रयत्न किया और तीखे सिरे वाले तीन बाणों से युद्धकुशल पाण्डुपुत्र भीमसेन के शरीर के महत्वपूर्ण स्थानों पर गहरे घाव कर दिये।   |   mahabharat अध्याय 6.113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.113.28 
ते हि यत्ता महेष्वासा: पाण्डवं युद्धकोविदम्।
त्रिभिस्त्रिभिरकुण्ठाग्रैर्भृशं मर्मस्वताडयन्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तब उन सभी महाधनुर्धरों ने मिलकर प्रयत्न किया और तीखे सिरे वाले तीन बाणों से युद्धकुशल पाण्डुपुत्र भीमसेन के शरीर के महत्वपूर्ण स्थानों पर गहरे घाव कर दिये।
 
Then all those great archers made a joint effort and with three arrows each having sharp tips, inflicted deep wounds on the vital spots of the war-skilled son of Pandu, Bhima.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)