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mahabharat 6.113.26: उस समय महाबली भीमसेन ने अपने सारथी विशोक को बुरी तरह घायल देखकर मद्रराज शल्य की भुजाओं और छाती पर तीन बाणों से प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 6.113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.113.26 
विशोकं प्रेक्ष्य निर्भिन्नं भीमसेन: प्रतापवान्।
मद्रराजं त्रिभिर्बाणैर्बाह्वोरुरसि चार्पयत्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
उस समय महाबली भीमसेन ने अपने सारथी विशोक को बुरी तरह घायल देखकर मद्रराज शल्य की भुजाओं और छाती पर तीन बाणों से प्रहार किया।
 
At that time the mighty Bhimasena, seeing his charioteer Vishoka badly wounded, attacked Madra king Shalya with three arrows on his arms and chest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)