कृपश्च कृतवर्मा च भगदत्तश्च वीर्यवान्।
विन्दानुविन्दावावन्त्यौ चित्रसेनश्च संयुगे॥ २२॥
दुर्मर्षणो विकर्णश्च सिन्धुराजश्च वीर्यवान्।
भीमं ते विव्यधुस्तूर्णं शल्यहेतोररिंदमा:॥ २३॥
अनुवाद
तदनन्तर कृपाचार्य, कृतवर्मा, महाबली भगदत्त, अवन्ती के विन्द और अनुविन्द, चित्रसेन, दुर्मर्षण, विकर्ण तथा महाबली सिन्धुराज जयद्रथ, शत्रुओं का दमन करने वाले इन वीरों ने राजा शल्य की रक्षा के लिये तुरन्त ही भीमसेन को घायल कर दिया। 22-23॥
After that, Kripacharya, Kritavarma, the mighty Bhagadatta, Vind and Anuvind of Avanti, Chitrasen, Durmarshan, Vikarna and the mighty Sindhuraj Jayadratha, these heroes who suppressed the enemies, immediately injured Bhimsen to protect King Shalya. 22-23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥