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mahabharat 6.113.19-20h: आर्य! वहाँ युद्धस्थल में पाण्डवपुत्र भीमसेन ने अद्भुत कार्य किया - उन्होंने बाणों से घायल करके समस्त महारथियों को रोक दिया और सबके देखते-देखते सिन्धुराज को रथहीन कर दिया॥191/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  6.113.19-20h 
अत्यद्भुतं रणे कर्म कृतवांस्तत्र पाण्डव:।
महारथाञ्शरैर्विद्‍ध्वा वारयित्वा च मारिष॥ १९॥
विरथं सैन्धवं चक्रे सर्वलोकस्य पश्यत:।
 
 
अनुवाद
आर्य! वहाँ युद्धस्थल में पाण्डवपुत्र भीमसेन ने अद्भुत कार्य किया - उन्होंने बाणों से घायल करके समस्त महारथियों को रोक दिया और सबके देखते-देखते सिन्धुराज को रथहीन कर दिया॥191/2॥
 
Arya! There on the battlefield, Pandava's son Bhimasena performed a wonderful deed by stopping all the mighty car-warriors by wounding them with arrows and, in front of everyone, rendered Sindhuraj chariotless.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)