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mahabharat 6.113.12-13h: तत्पश्चात् रथियों में श्रेष्ठ कृपाचार्य ने दूसरा धनुष उठाया और क्रोध में भरकर भीमसेन को दस तीखे बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 113: कौरवपक्षके दस प्रमुख महारथियोंके साथ अकेले घोर युद्ध करते हुए भीमसेनका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  6.113.12-13h 
अथान्यद् धनुरादाय गौतमो रथिनां वर:॥ १२॥
भीमं विव्याध संरब्धो दशभिर्निशितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् रथियों में श्रेष्ठ कृपाचार्य ने दूसरा धनुष उठाया और क्रोध में भरकर भीमसेन को दस तीखे बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter, Krupacharya, the best of charioteers, took up another bow and, shot in anger, pierced Bhimasena with ten sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)