श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.112.41 
एष चातिरणे भीष्मो दहते वै महाचमूम्।
युद्धेषु सदृशस्तात यमस्य वरुणस्य च॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तात! ये भीष्म युद्धस्थल में यमराज और वरुण के समान पराक्रम दिखा रहे हैं और पाण्डवों की विशाल सेना का संहार कर रहे हैं॥41॥
 
‘Tat! This Bhishma is showing bravery like Yamraj and Varuna in the battlefield and is destroying the huge army of Pandavas. 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)