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mahabharat 6.112.34: जैसे तिमि नामक महान मछली उत्ताल तरंगों से भरे हुए समुद्र के जल को मथती है, उसी प्रकार किरीटधारी अर्जुन द्वारा मथी हुई यह कौरव सेना व्याकुल दिखाई देती है॥34॥   |   mahabharat अध्याय 6.112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.112.34 
एतदालोक्यते सैन्यं क्षोभ्यमाणं किरीटिना।
महोर्मिनद्धं सुमहत् तिमिनेव महाजलम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
जैसे तिमि नामक महान मछली उत्ताल तरंगों से भरे हुए समुद्र के जल को मथती है, उसी प्रकार किरीटधारी अर्जुन द्वारा मथी हुई यह कौरव सेना व्याकुल दिखाई देती है॥34॥
 
Just as the great fish named Timi churns the waters of the ocean full of surging waves, similarly, this Kaurava army, churned by the crowned Arjuna, appears to be disturbed. 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)