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mahabharat 6.112.33: देखो! भगवान् वासुदेवजी के संरक्षण में रहने वाले अर्जुन सम्पूर्ण कौरव सेना को सब ओर से नष्ट करते हुए इसी ओर आते हुए दिखाई दे रहे हैं॥33॥   |   mahabharat अध्याय 6.112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.112.33 
एष संदृश्यते पार्थो वासुदेवव्यपाश्रय:।
दारयन् सर्वसैन्यानि धार्तराष्ट्राणि सर्वश:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
देखो! भगवान् वासुदेवजी के संरक्षण में रहने वाले अर्जुन सम्पूर्ण कौरव सेना को सब ओर से नष्ट करते हुए इसी ओर आते हुए दिखाई दे रहे हैं॥33॥
 
Look! Arjuna, who is under the protection of Lord Vasudeva, is seen coming this way, destroying the entire Kaurava army from all sides. ॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)