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mahabharat 6.112.32: इस मूर्ख दुर्योधन का शरीर उसकी ही तपस्या से जल गया है और उसकी भारती सेना उसके ही क्रोध की अग्नि से भस्म हो रही है॥ 32॥   |   mahabharat अध्याय 6.112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.112.32 
तस्यैष मन्युप्रभवो धार्तराष्ट्रस्य दुर्मते:।
तपोदग्धशरीरस्य कोपो दहति भारतीम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
इस मूर्ख दुर्योधन का शरीर उसकी ही तपस्या से जल गया है और उसकी भारती सेना उसके ही क्रोध की अग्नि से भस्म हो रही है॥ 32॥
 
The body of this foolish Duryodhana has been burnt by his own austerities and his Bharati army is being reduced to ashes by the fire of his own anger.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)