Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.112.27: चमकते हुए बाण, सोने से जड़े होने के कारण सुवर्णमय चमक वाले तीखे भाले और हाथियों पर लहराती हुई वैजयन्ती ध्वजाएँ, क्रोधी किरीटधारी अर्जुन द्वारा टुकड़े-टुकड़े कर दी जा रही हैं॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 6.112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चमकते हुए बाण, सोने से जड़े होने के कारण सुवर्णमय चमक वाले तीखे भाले और हाथियों पर लहराती हुई वैजयन्ती ध्वजाएँ, क्रोधी किरीटधारी अर्जुन द्वारा टुकड़े-टुकड़े कर दी जा रही हैं॥ 27॥
The shining arrows, the sharp spears shining with golden lustre due to being studded with gold and the Vaijayanti flags fluttering on the elephants are being torn to pieces by the wrathful crown-wearing Arjuna.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥