श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.112.23 
अजेय: समरे चापि देवैरपि सवासवै:।
बलवान् बुद्धिमांश्चैव जितक्लेशो युधां वर:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इन्द्रसहित सम्पूर्ण देवता भी उसे युद्ध में नहीं हरा सकते। वह बलवान, बुद्धिमान, कष्टों को जीतने वाला और योद्धाओं में श्रेष्ठ है॥ 23॥
 
‘Even all the gods including Indra cannot defeat him in battle. He is powerful, intelligent, conqueror of sufferings and the best among warriors.॥ 23॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd