Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.112.19: इसके अतिरिक्त यह महाबली द्रुपदपुत्र अपनी ध्वजा पर अशुभ चिन्ह धारण करता है। अतः गंगानन्दन भीष्म इस अशुभ शिखण्डी पर कभी आक्रमण नहीं करेंगे॥ 19॥ | mahabharat अध्याय 6.112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अमङ्गल्यध्वजश्चैव याज्ञसेनिर्महाबल:।
न चामङ्गलिके तस्मिन् प्रहरेदापगासुत:॥ १९॥
अनुवाद
इसके अतिरिक्त यह महाबली द्रुपदपुत्र अपनी ध्वजा पर अशुभ चिन्ह धारण करता है। अतः गंगानन्दन भीष्म इस अशुभ शिखण्डी पर कभी आक्रमण नहीं करेंगे॥ 19॥
‘Besides this, this mighty son of Drupada wears an inauspicious symbol on his flag. Therefore, Ganganandan Bhishma will never attack this inauspicious Shikhandi.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥