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श्लोक 6.112.16  |
हृष्यन्ति रोमकूपाणि सीदतीव च मे मन:।
चिन्तयित्वा महाबाहो भीष्मार्जुनसमागमम्॥ १६॥ |
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| अनुवाद |
| महाबाहो! भीष्म और अर्जुन के युद्ध का विचार करके मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं और मेरी बुद्धि दुर्बल हो रही है॥16॥ |
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| Mahabaho! Thinking of the battle between Bhishma and Arjuna gives me goosebumps and my mind is becoming weak.॥ 16॥ |
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