श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.112.15 
ध्रुवमास्थाय बीभत्सुरुत्तमास्त्राणि संयुगे।
अपास्यान्यान् रणे योधानभ्येष्यति पितामहम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इससे यह निश्चित प्रतीत होता है कि अर्जुन युद्धभूमि में श्रेष्ठतम अस्त्रों का आश्रय लेकर अन्य योद्धाओं को पीछे धकेलकर युद्धभूमि में पितामह भीष्म के पास पहुँचेंगे॥15॥
 
‘From this it seems certain that Arjuna will take recourse to the best weapons on the battlefield, push away the other warriors and reach Grandfather Bhishma on the battlefield.॥ 15॥
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